क्यों बना Jan Navoday Morcha?
पिछले तीन दशकों में भारत के कई जिले — विशेषकर बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ — विकास की मुख्यधारा से बाहर रह गए। हर चुनाव के बाद वायदे आए, मंच गूँजे, पर सड़कें कच्ची ही रहीं, स्कूल खाली रहे, अस्पताल बंद रहे और युवा घर छोड़कर पलायन करते रहे।
Jan Navoday Morcha (JNM) इसी अधूरी कहानी को बदलने के लिए बना है। JNM कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं है — यह एक विकास-केंद्रित जन आंदोलन है जो जाति, धर्म, भाषा या नारेबाज़ी के स्थान पर पाँच मूल प्रश्न उठाता है: रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा और साफ़ शासन।
JNM के तीन सिद्धांत
- विकास पहले, बाक़ी सब बाद में। चुनावी राजनीति का मानक "क्या मिला?" होना चाहिए, "किसने क्या कहा" नहीं।
- ज़िला पहले। हर जिले की एक अलग कहानी है — और समाधान भी अलग। JNM जिले को इकाई मानकर काम करता है।
- नागरिक संगठक। साधारण नागरिक — शिक्षक, छात्र, किसान, युवा, गृहिणी — ही JNM के असली नेता हैं।
हमारा नारा — "शोर नहीं, विकास चाहिए।"
यह नारा एक माँग है और एक चेतावनी भी। माँग — कि सत्ता विकास पर बात करे। चेतावनी — कि अब वो नारे नहीं चलेंगे जो ज़मीन पर नतीजे नहीं देते।
आप कैसे जुड़ें?
- Volunteer बनें — अपने गाँव, ब्लॉक या जिले में नागरिक संगठक के रूप में।
- समस्या दर्ज करें — "मेरा जिला, मेरा सवाल" पर अपनी स्थानीय समस्या रिकॉर्ड करें।
- Newsletter — हर हफ़्ते एक ज़मीनी अपडेट सीधे आपके इनबॉक्स में।
"अब अगला सवाल यह नहीं कि कौन जीतेगा। अगला सवाल यह है — मेरे गाँव में क्या बना?"
JNM की यात्रा अभी शुरू हुई है। हर वो नागरिक जो विकास के लिए ज़िम्मेदारी लेने को तैयार है, इस यात्रा का हिस्सा है।


