ज़मीनी हक़ीक़त
NHM डेटा के अनुसार, भारत के लगभग 30% प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) पर डॉक्टर नहीं हैं। बहुत से PHC सिर्फ़ 4 घंटे खुले हैं। दवाइयाँ अनियमित आती हैं। ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में अधिकांश समय ECG, X-ray, या बेसिक पैथोलॉजी मशीन ख़राब रहती है।
JNM का तीन-स्तरीय रोडमैप
स्तर 1 — हर पंचायत में सुरक्षित जन्म
- प्रत्येक पंचायत में एक प्रशिक्षित ANM + ASHA जोड़ी — 24x7 कॉल पर।
- डिजिटल मातृ-कार्ड — हर गर्भवती महिला का नाम क्लाउड पर। मासिक जाँच ट्रैकिंग।
- सुरक्षित प्रसव के लिए ब्लॉक अस्पताल तक 1 घंटे की पहुँच — एंबुलेंस गारंटी।
स्तर 2 — हर ब्लॉक में कार्यात्मक CHC
- डॉक्टर अनिवार्य उपस्थिति — बायोमेट्रिक हाजिरी।
- 3 बेसिक टेस्ट हमेशा उपलब्ध — ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, हीमोग्लोबिन।
- 30 जेनेरिक दवाइयाँ हमेशा स्टॉक में — मासिक ऑडिट।
स्तर 3 — हर जिले में Specialty Hub
- गायनी, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थो, और मेंटल हेल्थ — चार न्यूनतम specialty।
- टेली-कंसल्ट के माध्यम से उच्च-केंद्र से जोड़।
- जिला आपातकालीन कोरिडोर — ट्रॉमा के 1 घंटे के "गोल्डन आवर" को सुरक्षित करना।
जवाबदेही कैसे?
- मासिक रूप से जिला स्वास्थ्य रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक हो।
- PHC के दरवाज़े पर आज का डॉक्टर का नाम और मोबाइल लिखा हो।
- नागरिक रिपोर्ट के माध्यम से (/report) हर शिकायत 30 दिन में बंद हो।
आप क्या कर सकते हैं?
- अपने गाँव की ANM/ASHA के साथ साझेदारी करें।
- स्थानीय PHC पर महीने में एक बार जाएँ — रिपोर्ट करें।
- JNM volunteer के रूप में जुड़ें ताकि जिला स्वास्थ्य ऑडिट हो सके।
"स्वास्थ्य कोई सुविधा नहीं — मौलिक अधिकार है। और अधिकार वही जो हाथ में हो।"



