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युवा रोज़गार — JNM का 5-स्तंभ ब्लूप्रिंट

भारत में हर साल 1.2 करोड़ युवा रोज़गार बाज़ार में आते हैं। JNM का प्रस्ताव है — रोज़गार-केंद्रित जिला ढाँचा। जानिए इसके पाँच स्तंभ।

5 फ़रवरी 20268 मिनट पठन

समस्या क्या है?

NSSO आँकड़ों के अनुसार, भारत में 15-29 वर्ष के बीच का वो कोहोर्ट जो "न पढ़ रहा, न प्रशिक्षित हो रहा, न काम कर रहा" (NEET) — 28% से ऊपर है। बिहार-झारखंड-यूपी जैसे राज्यों में पलायन दर 30% से ऊपर। यानी हर तीन में से एक युवा 500 किमी दूर अनजान शहर में मजदूरी कर रहा है।

JNM का प्रस्ताव — 5 स्तंभ

1. जिला रोज़गार रजिस्ट्री (DER)

हर जिले की पंचायत-स्तरीय युवा रोज़गार रजिस्ट्री — जिसमें युवा का नाम, शिक्षा, कौशल, इच्छित कार्य दर्ज हो। यह केंद्रीय पोर्टल से जुड़ी हो ताकि स्थानीय MSME, ITI, और निजी कंपनियाँ सीधे रोज़गार दे सकें।

2. स्थानीय कौशल केंद्र

हर ब्लॉक में PPP मॉडल पर एक कौशल केंद्र — स्थानीय माँग के अनुरूप ट्रेड (राजमिस्त्री, इलेक्ट्रिशियन, मोबाइल रिपेयर, फ़ूड प्रोसेसिंग, सिलाई, टेक्निकल हेल्पर)। न्यूनतम 3 महीने का कोर्स + 3 महीने का apprenticeship।

3. MSME को 20 km अनुदान

जो भी MSME किसी ज़िले के 20 km radius में 10+ स्थायी नौकरियाँ देती है, उसे 18 महीने के लिए ब्याज-मुक्त ऋण और GST रिबेट। माइग्रेशन रोकने का सीधा उपाय।

4. युवा सलाहकार समिति (DYAC)

हर जिले में 25 युवाओं की सलाहकार समिति — जो हर तिमाही जिला रोज़गार समीक्षा करे और कलेक्टर को सीधे रिपोर्ट दे। यह समिति प्रत्यक्ष चुनाव से बने।

5. प्रवासी मज़दूर पोर्टेबिलिटी

जो युवा बाहर जा रहा है उसे एक डिजिटल पोर्टेबिलिटी कार्ड मिले — जिससे राशन, स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा का अधिकार उसके साथ चले। पलायन रोकना मुश्किल है, पर पलायन में सम्मान देना आसान।

अगला कदम

JNM 2026 में 10 पायलट जिलों में इस ब्लूप्रिंट के लिए जिला युवा कार्यशालाएँ आयोजित करेगा। यदि आप अपने जिले में होस्ट करना चाहते हैं — /join पर रजिस्टर करें।

"रोज़गार सबसे बड़ी जातिगत/धार्मिक/भौगोलिक समानता है। जिसके पास काम है, उसके पास सम्मान है।"

EmploymentYouthरोज़गारSkill

अपने जिले के लिए क्या ज़रूरी है?

एक रिपोर्ट दर्ज करें या JNM से जुड़ें — विकास का अगला कदम आप से शुरू होता है।

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