विचार क्या है?
बिहार के एक ब्लॉक में स्कूल की छत टपक रही है। झारखंड के एक जिले में PHC तीन महीने से बंद है। उत्तर प्रदेश के एक गाँव में राशन वितरण रुक गया है। ये बातें अख़बार तक नहीं पहुँचतीं, सरकार तक तो दूर की बात।
"मेरा जिला, मेरा सवाल" इसी अंतर को पाटने के लिए है। एक नागरिक — कोई भी नागरिक — पाँच मिनट में अपने जिले की समस्या दर्ज कर सकता है।
कैसे रिपोर्ट करें?
- /report पेज पर जाएँ।
- अपना नाम, मोबाइल, जिला, ब्लॉक भरें।
- समस्या की श्रेणी चुनें — सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, बिजली, राशन, रोज़गार, अन्य।
- फ़ोटो या वीडियो (25MB तक) अपलोड करें — यह सबसे ज़रूरी है।
- विवरण लिखें — कब से, कितने लोग प्रभावित।
- Submit करें — आपको रसीद ID मिलेगी।
उसके बाद क्या होता है?
- रिपोर्ट JNM की मॉडरेशन टीम के पास जाती है।
- तथ्य-जाँच के बाद, यदि उपयुक्त हो, तो रिपोर्ट जिला समन्वयक को भेजी जाती है।
- स्थानीय समन्वयक स्थानीय अधिकारी से बात करता है — BDO, SDO, या CO।
- मासिक रिपोर्ट कार्ड पर बताया जाता है — कौन से जिले में, कितनी रिपोर्ट, कितनी हल हुईं।
क्यों यह जरूरी है?
"जो डेटा है, वही बदलाव है।"
जब हर जिले के पास अपनी समस्याओं का सार्वजनिक रिकॉर्ड होगा, तो जवाबदेही माँगना आसान होगा। चुनाव में उम्मीदवार से सीधे पूछा जा सकेगा — "आपके जिले की 142 रिपोर्ट हैं, आपने कितनी हल कीं?"
गोपनीयता और सुरक्षा
- आपका नाम/मोबाइल जब तक आप अनुमति न दें तब तक सार्वजनिक नहीं होगा।
- फ़ोटो/वीडियो सुरक्षित Emergent Object Storage में रहते हैं।
- आप अपनी रिपोर्ट हटाने का अनुरोध कभी भी कर सकते हैं।
JNM एक माँग पर खड़ा है — जिले की समस्याएँ सार्वजनिक डेटा बननी चाहिए। आइए, मिलकर वह डेटा बनाएँ।



