क्यों ज़रूरी है?
आपके जिले को हर साल केंद्र, राज्य, और स्थानीय आवंटन से कुल हज़ारों करोड़ रुपये मिलते हैं। पर इसमें से कितना सड़क पर गया? कितना अस्पताल पर? कितना सिर्फ़ "प्रशासनिक खर्च" बना? — अधिकांश नागरिक नहीं जानते।
बजट कहाँ मिलेगा?
- राज्य वित्त विभाग की वेबसाइट — Annual Budget और State Finance Commission Report
- जिला कलेक्ट्रेट — District Annual Plan (DAP)
- PRI पोर्टल — पंचायत-स्तर का बजट
- RTI — विशिष्ट विभाग के लिए
बजट पढ़ने की 5 स्टेप गाइड
स्टेप 1: कुल आबंटन
पहले देखें — आपके जिले को इस साल कितना मिला? यह "Revenue + Capital" का योग है।
स्टेप 2: सेक्टर बँटवारा
देखें — कितना % शिक्षा पर, कितना स्वास्थ्य पर, कितना सड़क पर, कितना कृषि पर। तुलना करें — पिछले साल से।
स्टेप 3: योजना vs ग़ैर-योजना
- योजना (Plan) — नई परियोजनाएँ, विकास कार्य
- ग़ैर-योजना (Non-plan) — वेतन, रखरखाव, प्रशासनिक खर्च
अगर non-plan 80% से ज़्यादा है — तो विकास कम होगा।
स्टेप 4: व्यय vs आबंटन
बजट में दो आँकड़े होते हैं — Budgeted vs Actual। यदि स्वास्थ्य में ₹100 करोड़ आबंटित था पर सिर्फ़ ₹60 करोड़ खर्च हुआ — तो लाभार्थी तक नहीं पहुँचा।
स्टेप 5: आपका सवाल
पाँच आँकड़ों के बाद, आपके पास तीन ज़बरदस्त सवाल होंगे:
- पिछले 3 साल में कौन-सा सेक्टर लगातार कम खर्च कर रहा?
- कौन-सी परियोजना बार-बार बजट में आती है पर पूरी नहीं होती?
- कौन-सा विभाग non-plan में बढ़त दिखा रहा बिना विकास के?
JNM का "Jila Budget Card"
JNM हर 6 महीने में 10 पायलट जिलों के लिए एक एक-पेज बजट कार्ड जारी करता है — हिंदी + अंग्रेज़ी में। इसमें ऊपर के सभी सवालों के जवाब आम भाषा में।
आम भ्रम
- ❌ "बजट को CA पढ़ते हैं।" — नहीं। आज YouTube + सरकार की Open Data नीति से कोई भी पढ़ सकता है।
- ❌ "हम कुछ नहीं कर सकते।" — ग़लत। बजट चर्चा से ही विधायक का प्रश्न बनता है।
"बजट पढ़ना एक नागरिक का अनिवार्य कर्तव्य है।"



