RTI क्या है?
सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत, हर भारतीय नागरिक सरकारी कार्यालय से किसी भी सूचना की प्रति माँग सकता है — बशर्ते वह राष्ट्रीय सुरक्षा, या व्यक्तिगत गोपनीयता से जुड़ी न हो।
क्या-क्या माँगा जा सकता है?
- अपनी पंचायत का पिछले 3 साल का बजट और व्यय
- स्थानीय PHC का दवाई स्टॉक रजिस्टर
- स्कूल का शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर
- सड़क ठेके की टेंडर डिटेल और प्रगति रिपोर्ट
- राशन डीलर का आबंटन रजिस्टर
RTI कैसे लगाएँ — 5 स्टेप्स
स्टेप 1: PIO का पता
हर कार्यालय में एक "Public Information Officer" (PIO) होता है। उसका नाम कार्यालय की वेबसाइट या सूचना बोर्ड पर मिलेगा।
स्टेप 2: आवेदन
एक सादे काग़ज़ पर — हिंदी, अंग्रेज़ी, या स्थानीय भाषा में:
"मैं [आपका नाम], [पता] निवासी, RTI अधिनियम 2005 के अंतर्गत निम्न सूचना माँगता/माँगती हूँ: 1. ... 2. ... 3. ... मैं ₹10 का शुल्क संलग्न कर रहा/रही हूँ।"
स्टेप 3: शुल्क
- ₹10 का पोस्टल ऑर्डर, या IPO, या नक़द (कार्यालय में जाकर)
- BPL के लिए: मुफ़्त
स्टेप 4: प्रति माँगने पर
प्रति 2 रुपये/पन्ना। बड़ा दस्तावेज़ हो तो CD/USB माँग सकते हैं।
स्टेप 5: समय-सीमा
PIO को 30 दिनों के अंदर जवाब देना होगा। अगर जीवन-स्वतंत्रता से जुड़ा हो तो 48 घंटे।
क्या होगा अगर जवाब नहीं आया?
- 30 दिन बाद, First Appellate Authority के पास अपील (मुफ़्त)
- 60 दिन और बाद, राज्य सूचना आयोग के पास अपील
- आयोग दोषी PIO पर रोज़ ₹250 तक का दंड लगा सकता है
टिप — JNM RTI Template
JNM ने 8 प्रमुख श्रेणियों के लिए तैयार RTI टेम्पलेट्स बनाए हैं — स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, राशन, मनरेगा, पंचायत, बिजली, पानी। Volunteer पोर्टल पर मुफ़्त उपलब्ध।
"RTI से मिले एक काग़ज़ की क़ीमत कई बैठकों से ज़्यादा होती है।"



